Yellow Lajwanti Plant
एक दुर्लभ और अनोखा पौधा | Complete Detailed Blog in Hindi
प्रकृति में कई ऐसे पौधे मिलते हैं जो अपने अनोखे गुणों और आकर्षक रूप के कारण विशेष पहचान रखते हैं। Yellow Lajwanti Plant (पीली लाजवंती पौधा) भी उन्हीं में से एक है। यह पौधा सामान्य लाजवंती की तरह ही स्पर्श संवेदनशील होता है, लेकिन इसकी खास बात यह है कि इसमें पीले रंग के फूल आते हैं, जो इसे एक Rare Species (दुर्लभ प्रजाति) बनाते हैं। ज्यादातर लोग गुलाबी/बैंगनी फूलों वाली लाजवंती पौधा देखते हैं, इसलिए पीली लाजवंती को देखना बहुत ही खास अनुभव होता है।
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Yellow Lajwanti Plant की पहचान
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| वैज्ञानिक नाम | Mimosa Pudica (Rare Yellow Flower Variety) |
| सामान्य नाम | पीली लाजवंती, Yellow Touch-me-not |
| परिवार | Fabaceae |
| प्रकार | हर्बल, झाड़ीदार पौधा |
| फूलों का रंग | चमकीला पीला (बहुत दुर्लभ) |
| स्पर्श प्रतिक्रिया | पत्ते छूने पर तुरंत बंद हो जाते हैं |
| उपयोग | सजावटी, औषधीय, आध्यात्मिक |
इस पौधे की पत्तियाँ छूने पर सिकुड़ जाती हैं, इसलिए इसे अंग्रेज़ी में “Sensitive Plant” भी कहा जाता है।
Yellow Lajwanti क्यों होती है Rare?
👉 सामान्य लाजवंती के फूल गुलाबी/बैंगनी होते हैं
👉 Yellow flowering variety का genetic mutation rare है
👉 Commercial cultivation बहुत कम होती है
👉 Nursery में मुश्किल से उपलब्ध होती है
इसी वजह से यह पौधा कलेक्शन प्लांट माना जाता है और गार्डन प्रेमियों में काफी लोकप्रिय है।
फूलों की खूबसूरती
पीली लाजवंती के फूल छोटे-छोटे, गोलाकार, रुई की तरह फूले हुए दिखते हैं।
ताज़े पीले रंग का यह फूल बगीचे को तुरंत आकर्षक बना देता है।
यह पौधा फूलों के अलावा अपनी हरियाली और पत्तियों की मूवमेंट के लिए भी प्रसिद्ध है — बच्चों और बड़ों दोनों को समान रूप से पसंद आता है।
औषधीय फायदे
लाजवंती पौधे का उपयोग आयुर्वेद में वर्षों से होता आ रहा है।
इसके फायदे:
✔ घाव भरने में उपयोगी
✔ एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण
✔ हड्डी मजबूत करने में सहायक
✔ त्वचा-सम्बंधी रोगों में लाभकारी
✔ डायबिटीज और गठिया में उपयोग
⚠ ध्यान दें: उपयोग हमेशा आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।
धार्मिक और वास्तु महत्व
लाजवंती पौधे को धार्मिक रूप से भी शुभ माना जाता है:
✨ नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है
✨ घर में शांति और सकारात्मकता बढ़ाता है
✨ संरक्षण और सुरक्षा का प्रतीक
बहुत-से लोग इसे घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में लगाते हैं, जहाँ इसका परिणाम अधिक शुभ माना जाता है।
वातावरण और देखभाल (Care & Growing Guide)
| आवश्यकता | विवरण |
|---|---|
| धूप | 4–6 घंटे हल्की धूप |
| पानी | हल्की सिंचाई, मिट्टी सूखने पर पानी दें |
| मिट्टी | रेतीली या अच्छी जल-निकासी वाली |
| तापमान | 20°C–35°C |
| उर्वरक | महीने में एक बार ऑर्गेनिक खाद |
| कटिंग/प्रोपेगेशन | बीज द्वारा |
यह पौधा ज्यादा देखभाल नहीं मांगता —
Beginner Friendly!
किस प्रकार लगाएँ?
1️⃣ गमले या जमीन में साधारण मिट्टी + रेत + गोबर खाद मिलाएँ
2️⃣ पौधे को ध्यान से लगाएँ और हल्का पानी दें
3️⃣ सीधी तेज धूप से बचाएँ
4️⃣ 10–15 दिन में तेजी से बढ़ना शुरू हो जाता है
पौधे को होने वाली समस्याएँ
| समस्या | समाधान |
|---|---|
| ज्यादा पानी → जड़ सड़ना | पानी कम और ड्रेनेज अच्छा रखें |
| कीट जैसे aphids | नीम तेल का छिड़काव |
| ज्यादा ठंड | अंदर सुरक्षित स्थान पर रखें |
कहाँ उपयोग करें?
✔ Balcony Decorations
✔ Indoor Table Plant
✔ Kids Learning Plant
✔ Medicinal Herbal Garden
✔ Home & Office Good-Luck Plant
हर बगीचे में कम से कम एक पीली लाजवंती पौधा होना चाहिए —
यह सुंदर भी है और लाभकारी भी!
निष्कर्ष
Yellow Lajwanti Plant प्रकृति की उन अनमोल और अद्भुत देन में से एक है जिसे देखने से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। यह पौधा दुर्लभ होने के साथ-साथ औषधीय, धार्मिक और सजावटी महत्व भी रखता है। इसकी देखभाल आसान है और यह घर में सकारात्मकता और हरियाली बढ़ाता है।
यदि आप अपने बगीचे में कुछ यूनिक और Rare जोड़ना चाहते हैं तो यह पौधा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
