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1 year, 3 months ago*आयुर्वेद दोहे*
*पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!*
सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!
*धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!*
दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!
*ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!*
कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!
*प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!*
बस दो-तीन गिला…[Read more] -
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1 year, 3 months ago*🌹रोगानुसार देसी गाय के घी के उपयोग….*
🌹
*(1). गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है।**(2). गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है।*
*(3). गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में भी उपचार होता है।*
*(4). 20-25 ग्राम गाय का घी व मिश्री खिलाने से शराब, भांग व गांजे का नशा कम हो जाता है।*
*(5). गाय का घी नाक में डालने से…[Read more]
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1 year, 3 months ago*🛕 आयुर्वेद ज्ञानामृत 🛕*
*आँख के लिए अमृत- परम्परागत, प्राकृतिक एवं घरेलू एक काजल वाला योग…*
*योग इस तरह है…*
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नीम की सूखी पत्तियां 20 नग,
कपूर आठ रत्ती,
गाय का घी पंद्रह ग्राम,
साफ कपास की रूई 15 ग्राम।*बनाने की विधि -*
रूई को कपड़े की तरह चौड़ा करके फैला लो, उस पर नीम की पत्तियाँ बिछा दें और ऊपर से कपूर का चूर्ण डालकर…[Read more] -
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1 year, 3 months agoमहिलाओं की सभी समस्याओं का समाधान है ये अकेला पौधा।।
खाली पेट 20-30ml पंचांग का स्वरस पीने से लगभग सभी प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं या पांच ग्राम पंचांग चूर्ण या दस ग्राम पंचांग का काढ़ा उबालकर छानकर पिएं
एक औषधीय वनस्पति है। इसका वैज्ञानिक नाम ‘अचिरांथिस अस्पेरा’ (ACHYRANTHES ASPERA) है। हिन्दी में इसे चिरचिटा’, लटजीरा’, चिरचिरा ‘ आदि…[Read more]
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1 year, 3 months ago13 अखाड़ों के हिन्दू संत अपने
नाम के आगे गिरि,पुरी आदि
उपनाम क्यों रखते हैं ?हिन्दू संतों के 13 अखाड़े हैं।
शिव संन्यासी संप्रदाय के 7 अखाड़े,
बैरागी वैष्णव संप्रदाय के 3 अखाड़े
और उदासीन संप्रदाय के 3 अखाड़े हैं।इन्हीं में नाथ,दशनामी आदि होते हैं।
आओ जानते हैं कि संत अपने नाम
के आगे गिरि,पुरी,आचार्य,दास,नाथ
आदि उपनाम क्यों लगाते हैं…[Read more] -
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1 year, 3 months ago⚫⚫⚫⚫
गुर्दे और पित्ताशय की पथरी का इलाज कौड़ी से….
आजकल पथरी के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। मुख्यत दो प्रकार की पत्थरी होती है।
गुर्दे में और पित्ताशय यानि गाल ब्लैडर में। गुर्दे की पथरी उतनी तकलीफदेह नही जितनी पित्ताशय की होती है।
आप किसी पंसारी की दुकान से कौड़ी ले आइये जिसके एक तरफ का रंग पीला हो।
यह कौड़ी आधी पीली आ…[Read more]
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1 year, 3 months ago*राम राम जय धन्वंतरि* 🙏🏻🙏🏻।
*👉 सहवास, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, शमशान से आने के बाद, तेल मालिश, सर मालिश के बाद, रोगियों के संपर्क में आने के बाद, दूर से सफर करने के बाद स्नान अवश्य (जरूर )करना चाहिए*।*✍️सहवास, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के बाद जो इंसान नहीं स्नान करता है उसके हाथ का पानी पीना, भोजन ग्रहण करना…[Read more]
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