Sale!

Yellow Palash ( पीला पलाश ) Plants

Original price was: ₹3,100.00.Current price is: ₹1,500.00.

Yellow Palash जिसे Flame of the Forest के नाम से भी जाना जाता है, भारत का एक दुर्लभ और पवित्र पौधा है। बसंत ऋतु में इस पर खूबसूरत गहरे पीले रंग के फूल खिलते हैं जो पूरे पेड़ को सुनहरा रूप दे देते हैं। यह धार्मिक, औषधीय और पर्यावरण सुधार में अत्यंत उपयोगी पौधा है।

  • दुर्लभ प्रजाति का सुंदर फूलदार पौधा

  • बसंत में पूरे पेड़ पर चमकीले पीले फूल

  • हवा को शुद्ध करने और पर्यावरण सुधार में सहायक

  • औषधीय और पवित्र उपयोगों में महत्वपूर्ण

  • धूप में तेजी से बढ़ता, कम देखभाल की जरूरत

  • घर, पार्क, सड़क किनारे plantation के लिए Perfect

  • Healthy Live Plant — Safe & Secure Packaging

489 in stock

Category : RARE PLANTS
Share Outside

पलाश का वृक्ष वैसे तो सर्वत्र पाया जाता है, यह एक मध्यम आकार का वृक्ष है इसके तने की छाल मोटी और गांठदार होती है, नई-नई शाखाएं रोम युक्त होती है, पत्ते हरे हरे मोटे गोलनुमा तथा तीन तीन पत्तो के समूह में विभक्त रहते हैं। पलाश तीन प्रकार का होता है। एक तो गहरे लाल नारंगी रंग के फूलों वाला, दूसरा पीले रंग के फूलों वाला और तीसरा सफेद रंग के फूलों वाला, सफेद फूलों वाला पलाश अब दुर्लभ हो चला है और कहीं कहीं बड़ी मुश्किल से ही दिखाई पड़ते है। सफेद फूलों वाले पलाश को औषधीय दृष्टिकोण से अधिक उपयोगी माना जाता है। पलाश को हिंदी में ढाक, टेसू छत्तीसगढ़ी में परसा तथा उड़िया में पोरासु कहा जाता है।

माघ माह में ऋतुराज वसंत का जैसे जैसे आगमन होता है वैसे ही पलाश की शाखाओं पर काले रंगों का पुष्प कलिकाएँ गुच्छों के रूप में प्रकट होने लगते है। फुल तोते की चोंच की तरह टेढा तथा दूर से देखने पर आग की लपटों की जैसे दिखाई पड़ती है। फागुन में जहाँ सारे लोग भेदभाव मिटाकर रंगों से बसंत का त्यौहार होली मानते है, तो पलाश का यह वृक्ष भी फूलों की चादर ओढ़ प्रकृति को रंगीन कर होलिकोत्सव में शामिल हो जाता है ।

आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से हिन्दू धर्म में पलाश के वृक्ष का बहुत महत्व है इसके वृक्ष को ब्रम्हा विष्णु व महेश का निवास स्थान माना जाता है कार्तिक माह में इसके सूखे हुए फुल देवी देवताओं को चढ़ाया जाता है तथा लकड़ी से हवन करना भी सर्वोतम माना जाता है । पलाश के पत्तों का उपयोग पत्तल और दोने बनाने में भी खूब किया जाता है।

तांत्रिक क्रियाओं में पलाश के फूलों से तांबे को सोना बनाना, लक्ष्मी प्राप्ति की साधनाएँ तथा इसके कल्प से शरीर का कायाकल्प करना व त्रिकालदर्शी साधनाओं (तीनो कालों वर्तमान भुत व भविष्य को जानने वाला) की पद्धतियों का वर्णन भी किया गया है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से भी पलाश के अनेक गुण बताए गए हैं और इसके फूल, बीज और जड़ से अनेक प्रकार की दवाइयां बनायी जाती है इसके फूलो से होली के रंग तैयार किये जाते हैं जो त्वचा के लिए काफी लाभप्रद होता है। जहाँ एक ओर बीज और जड़ से पुरुषों के नपुंसकता का इलाज होता है, तो दूसरी ओर इससे महिलाओं के बाँझपन और मासिकस्त्राव सम्बन्धी अनियमितताओं के लिए दवाइयां भी बनायीं जाती है।

सामान्य तौर पर लाल पीले रंग के पलाश के वृक्ष और सफ़ेद पलाश के वृक्ष में अंतर सिर्फ फूलों को ही देखकर किया जाता है पर हम अगर ध्यान से देखे तो पायेंगें की सफ़ेद पलाश के वृक्ष के डंठल और तने के मध्य एक उठा हुआ भाग दिखाई देता है जिसे शिवलिंग कहते है। यह चिन्ह सिर्फ सफ़ेद पलाश के वृक्ष में पाया जाता है, लाल व पीले रंग के पलाश के वृक्ष में नहीं जिसे देख कर हम सफ़ेद पलाश के वृक्ष की पहचान कर सकते है।

Dimensions 42 × 12 × 12 cm

0:00
0:00
0
    0
    Your Cart
    Your cart is emptyReturn to Shop
    MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS https://starazona.com/contacto/ SLOT2D SLOT2D MAINZEUS https://www.dovhlevin.com/ SLOT2D https://stitta.ac.id/kontak/ MAINZEUS MAINZEUS SLOT2D SLOT ZEUS MAINZEUS BINTANG4D BINTANG4D MAINZEUS MAINZEUS https://coavs.edu.pk/faculty/ BINTANG4D SLOT PULSA MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS WEDE303 LIVETOTOBET MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS ULARWIN ULARWIN MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS BINTANG4D LIVETOTOBET BINTANG4D BINTANG4D LIVETOTOBET BINTANG4D LIVETOTOBET MAINZEUS https://coes.dypgroup.edu.in/library/ LIVETOTOBET BINTANG4D MAINZEUS MAINZEUS BINTANG4D BANDAR288 MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS MAINZEUS https://sethu.ac.in/seminar/ MAINZEUS