Yellow Palash
Yellow Palash (पीला पलाश)
प्रकृति का दुर्लभ सुनहरा चमत्कार

भारत में पलाश का नाम आते ही आमतौर पर लाल पलाश (Flame of Forest) की छवि मन में आती है, परंतु इसी परिवार का एक अत्यंत दुर्लभ पेड़ है — Yellow Palash अर्थात पीला पलाश
इस पेड़ के फूल प्राकृतिक रूप से सुनहरे-पीले रंग के होते हैं और इसका उपयोग आयुर्वेद, पूजा-पाठ और पारंपरिक रंगों में किया जाता है।

Yellow Palash को कई क्षेत्रीय नामों से जाना जाता है:

  • पीला पलाश

  • पीलिया

  • पीलकरिया

  • Flame Tree – Yellow Variant

  • Butea monosperma – Yellow Morph

यह पेड़ अपनी सुंदरता, औषधीय गुणों और पर्यावरणीय महत्व के कारण आज संरक्षित पौधों की श्रेणी में देखा जाता है।

Yellow Palash क्यों है विशेष?
  • फूलों का दुर्लभ पीला रंग

  • वसंत ऋतु में पेड़ पीले फूलों से भर जाता है

  • प्राकृतिक रंग निर्माण में उपयोग

  • पक्षियों और मधुमक्खियों के लिए अमृत स्रोत

  • धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व

भारत में यह बहुत सीमित स्थानों पर ही मिलता है, इसलिए इसे Rare Heritage Tree माना जाता है।

वैज्ञानिक जानकारी (Scientific Classification)
श्रेणी विवरण
वैज्ञानिक नाम Butea monosperma
कुल Fabaceae
प्रजाति Yellow Flowering Variant
प्रकार मध्यम आकार का पर्णपाती वृक्ष
फूल आने का समय फरवरी – अप्रैल
ऊँचाई 10–15 मीटर तक
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

पीला पलाश:

  • देवी माँ सरस्वती को समर्पित माना जाता है

  • बसंत पंचमी पर इसके फूल शुभ माने जाते हैं

  • पूजा सामग्री एवं यज्ञ क्रियाओं में उपयोग

  • पवित्र वृक्ष — घर/मंदिर के पास लगाना शुभ

कई मान्यताओं में यह धन और सौभाग्य का सूचक है।

औषधीय उपयोग (Medicinal Benefits)

Ayurveda में Yellow Palash को अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसके:

  • फूल

  • पत्ते

  • बीज

  • गोंद

  • छाल

सभी भाग औषधीय हैं।

मुख्य रोगों में लाभ
स्वास्थ्य समस्या उपयोग
पाचन संबंधी रोग फूल का काढ़ा
आंखों की समस्याएँ छाल का अर्क
त्वचा रोग पत्तों का लेप
जोड़ों का दर्द गोंद औषधीय मरहम में
बुखार/ब्लड प्यूरिफिकेशन जड़ चिकित्सा में उपयोग

⚠ किसी भी औषधीय उपयोग से पहले विशेषज्ञ से परामर्श ज़रूरी!

पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण

Yellow Palash के फूल:

  • मधुमक्खियों के लिए नेचुरल हनी सोर्स

  • पक्षियों और तितलियों को आकर्षित करते हैं

  • वनों में जैव विविधता बढ़ाते हैं

इसके कारण इसे बायोडायवर्सिटी बूस्टर प्लांट भी कहा जाता है।

प्राकृतिक रंग (Organic Dye)

इस पेड़ के फूलों से बनता है:

  • ऑर्गेनिक पीला रंग

  • होली के प्राकृतिक रंग

  • वस्त्र रंगाई

  • औषधीय टिंचर

किसी भी रसायन से रहित और त्वचा के लिए सुरक्षित।

क्यों हो रहा है दुर्लभ?
  • अंधाधुंध पेड़ कटाई

  • शहरीकरण और खेती विस्तार

  • लाल पलाश की अधिकता

  • संरक्षण की कमी

इसी कारण आज Yellow Palash के पौधों को संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता है।

कैसे लगाएँ?
Plant Care तरीका
धूप पूरी धूप में लगाएँ
पानी बहुत कम—मध्यम
मिट्टी हल्की व अच्छी ड्रेनेज वाली
खाद जैविक खाद से उत्तम वृद्धि

यह पेड़ सूखा सहन करने वाला है और कम पानी में भी आसानी से बढ़ता है।

कहाँ लगाएँ?
  • मंदिर, स्कूल, पार्क

  • फार्म हाउस और रोड साइड

  • होम गार्डन (बड़े क्षेत्र)

  • Spiritual / Medicinal Garden

यह पेड़ आपके परिसर को प्राकृतिक रंगों से भर देगा

निष्कर्ष

Yellow Palash (पीला पलाश) एक अत्यंत कीमती, दुर्लभ और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण वृक्ष है।
यह—

✔ सौंदर्य का प्रतीक
✔ पर्यावरण के लिए आवश्यक
✔ आयुर्वेदिक खज़ाना
✔ धार्मिक महत्व वाला वृक्ष

इसलिए इसे संजोना और अधिक से अधिक लगाना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।

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