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Ranjan Kumar wrote a new post
7 months, 3 weeks ago
पावनखिंड-रणजित देसाई PDF Download
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7 months, 3 weeks ago
घरेलू सुख-शांति और पेड़-पौधों का तालमेल | Ghareloo Sukh-Shaanti aur Ped-Paudhon ka Taalamel
परिचय आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और घरेलू परेशानियाँ आम हो गई हैं। ऐसे समय में हम अपने आस-पास के वातावरण की ओर ध्यान देना भूल जाते हैं। जबकि प्राकृतिक सौंद…
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8 months, 1 week ago
बागवानी टिप्स: पेड़-पौधों से सीखिए जीवन का संतुलन | Baagavaanee tips: Ped-Paudhon se Seekhie Jeevan ka Santulan
बागवानी करना केवल पौधों को उगाना नहीं है, यह एक जीवंत कला है — जहां प्रकृति के साथ तालमेल बैठाकर जीवन को समझा जाता है। जब हम अपने बगीचे में पेड़-पौधों के साथ प्रेम, अनुशासन और समझदारी से व्यवहार करते हैं, तो यह…
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8 months, 2 weeks ago
बागवानी टिप्स: प्रकृति से जुड़ाव का सरल मार्ग | Baagavaanee tips: Prakrti se Judaav ka Saral Maarg
बागवानी केवल फूल-पत्तियों की सजावट नहीं, बल्कि आत्मा को सुकून देने वाली प्रक्रिया है। जब हम पेड़-पौधों के साथ तालमेल बिठाकर बागवानी करते हैं, तो वह केवल एक सुंदर दृश्य ही नहीं बनता, बल्कि…
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8 months, 2 weeks ago
बागवानी टिप्स: पेड़-पौधों के साथ तालमेल का रहस्य | Baagavaanee tips: Ped-Paudhon ke Saath Taalamel ka Rahasy
बागवानी केवल एक शौक नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ एक आत्मीय संवाद है। जब हम पेड़-पौधों के साथ तालमेल बैठाकर बागवानी करते हैं, तो यह न केवल हमारे घर की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि मानसिक शांति…
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8 months, 2 weeks ago
प्रकृति की गोद में बसता है सच्चा सुकून: घरेलू शांति में पेड़-पौधों की भूमिका | Prakrti kee God Mein Basata hai Sachcha Sukoon: Ghareloo Shaanti Mein Ped-Paudhon kee Bhoomika
आज के तेज़ रफ्तार जीवन में जहाँ भागदौड़, तकनीक और तनाव ने हमारे दिन का हर कोना घेर लिया है, वहाँ “घरेलू सुख-शांति” एक दुर्लभ अनुभव बन गया है। लोग मानसिक संतुलन के लिए मेडिटेशन ऐप्स, थेरेपी, और रिट्रीट्स का सहार…
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8 months, 2 weeks ago
पेड़-पौधों से सजे घरों में बसती है शांति | Ped-Paudhon se Saje Gharon Mein Basatee hai Shaanti
हर इंसान की यह स्वाभाविक इच्छा होती है कि उसका घर खुशियों और शांति का आश्रय हो। जहाँ कदम रखते ही एक सुकून महसूस हो, तनाव पीछे छूट जाए और मन को ठहराव मिले। इस सुख-शांति की खोज में हम अक्सर बाहरी उपायों की ओ…
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8 months, 2 weeks ago
हरियाली से मिलती है घरेलू शांति: प्रकृति के संग जीवन का संतुलन | Hariyaalee se Milatee hai Ghareloo Shaanti: Prakrti ke Sang Jeevan ka Santulan
हम सभी एक शांत, सुकून भरे और खुशहाल घर की कल्पना करते हैं, जहाँ मन को राहत मिले, तनाव दूर हो और परिवार के बीच प्रेम बना रहे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटा-सा पौधा भी आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकता ह…
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8 months, 2 weeks ago
घरेलू सुख-शांति और पेड़-पौधों का तालमेल | Ghareloo Sukh-Shaanti aur Ped-Paudhon ka Taalamel
घरेलू सुख-शांति जीवन की सबसे महत्वपूर्ण और मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। जब घर का वातावरण शांतिपूर्ण होता है, तो परिवार के हर सदस्य का मन प्रसन्न रहता है और आपसी संबंध मजबूत होते हैं। कई बार हम सुख-शांति के ल…
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8 months, 2 weeks ago
ज्ञान के वृक्ष: दुर्लभ पुस्तकें और प्रकृति की साझेदारी | Gyaan ke Vrksh: Durlabh Pustaken aur Prakrti kee Saajhedaaree
प्राचीन भारत में कहा गया है, “सर्वं ज्ञानं वृक्षेषु निहितम्।” यानी, समस्त ज्ञान वृक्षों में समाहित है। दुर्लभ पुस्तकें इस ज्ञान को समेटे हुए होती हैं, और जब हम इन पुस्तकों को खोलते हैं, तो ऐसा लगता है मानो हम…
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8 months, 2 weeks ago
दुर्लभ पुस्तकें और वृक्षों की कहानियाँ | Durlabh Pustaken aur Vrkshon kee Kahaaniyaan
प्रकृति और ज्ञान, दोनों की जड़ें गहरी होती हैं — और जब ये दोनों एक साथ मिलें, तो जन्म लेती हैं दुर्लभ पुस्तकें। भारतवर्ष की परंपरा में ऐसे अनगिनत ग्रंथ हैं, जो पेड़-पौधों के ज्ञान, उनके संरक्षण, और उनके…
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8 months, 2 weeks ago
दुर्लभ पुस्तकें और वृक्षों की अमूल्य साझेदारी | Durlabh Pustakon Aur Vrkshon Kee Amooly Saajhedaaree
दुनिया में सबसे कीमती चीज़ें वो होती हैं जिन्हें समय छू नहीं पाता, लेकिन जिनका असर पीढ़ियों पर होता है। ऐसी ही एक अनमोल धरोहर हैं — दुर्लभ पुस्तकें। ये पुस्तकें सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि यह प्राचीन जीव…
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8 months, 2 weeks ago
दुर्लभ पुस्तकें और प्रकृति का अमूल्य रिश्ता | Durlabh Pustaken Aur Prakrti ka Amooly Sambandh
किताबें समय की सबसे मौन लेकिन सबसे प्रभावशाली साक्षी होती हैं। उनमें छिपे शब्द केवल ज्ञान नहीं होते, बल्कि वे पूरे समाज, संस्कृति और प्रकृति की अनकही कहानियाँ होते हैं। दुर्लभ पुस्तकें ऐसी ही धरोहर होती हैं ज…
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8 months, 2 weeks ago
दुर्लभ पुस्तकें: ज्ञान के साथ प्रकृति का गहरा रिश्ता | Durlabh Pustaken: Gyaan ke Saath Prakrti ka Gahara Rishta
किताबें केवल अक्षरों का संग्रह नहीं होतीं — ये समय, संस्कृतियों और सभ्यताओं की धड़कन होती हैं। खासकर दुर्लभ पुस्तकें (Rare Books) — जो अब कहीं किसी संग्रहालय, लाइब्रेरी या किसी पुराने संदूक में ही मिलती हैं…
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8 months, 2 weeks ago
दुर्लभ पौधे: धरती का छिपा खजाना
हमारे चारों ओर अनेक प्रकार के पेड़-पौधे हैं जो न केवल हमारे जीवन को सुंदर बनाते हैं, बल्कि हमें भोजन, दवा, छाया और शुद्ध हवा भी देते हैं। इनमें कुछ ऐसे पौधे भी होते हैं जिन्हें हम आसानी से नहीं देख पाते —…
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8 months, 2 weeks ago
दुर्लभ पौधे और हरित भविष्य की दिशा
हर जीव का जीवन किसी-न-किसी रूप में पेड़-पौधों पर निर्भर करता है — चाहे वो मनुष्य हो, पशु-पक्षी हों या फिर कीट-पतंगे। ये पेड़-पौधे केवल हरियाली नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं। परंतु आज दुर्लभ प्रजातियाँ तेजी से विलु…
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8 months, 2 weeks ago
हमारे दुर्लभ पौधे: प्रकृति से जुड़ाव और जीवन का संतुलन
जब हम प्रकृति की ओर देखते हैं, तो हर एक पेड़ और पौधा हमें जीवन की कोई न कोई सीख देता है। लेकिन कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो केवल दुर्लभ होते हैं — उनके गुण, उनकी सुंदरता और उनका महत्व उन्हें खास बनाता है। ये दुर्लभ…
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8 months, 2 weeks ago
हमारे दुर्लभ पौधे: प्रकृति की अनमोल धरोहर
प्रकृति की गोद में छिपे दुर्लभ पौधे (Rare Plants) हमारी धरती की विरासत हैं। ये केवल जीव विज्ञान की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, औषधीय और पारिस्थितिक रूप से भी अमूल्य हैं। आज जब दुनिया भर…
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8 months, 2 weeks ago
दुर्लभ पौधे: प्रकृति का अनमोल खजाना
दुर्लभ पौधे वे होते हैं जो या तो विलुप्ति की कगार पर हैं या केवल सीमित स्थानों पर पाए जाते हैं। जैसे सफेद पलाश, नाग चंपा, ब्रह्मकमल, नागकेशर, रुद्राक्ष, नाग सरप, और रक्तचंदन जैसे पौधे अब बहुत कम देखने को मिलते…
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8 months, 2 weeks ago
धर्म और वृक्ष: जब श्रद्धा बन जाए हरियाली की रक्षा का संकल्प
भारतीय संस्कृति में धर्म और प्रकृति दो अलग चीज़ें नहीं हैं, बल्कि एक ही जीवन दर्शन के दो रूप हैं। हमारे यहाँ पेड़-पौधों को भगवान का रूप माना गया है, उन्हें पूजा जाता है, उनके नीचे ध्यान किया जाता है, और उनके संरक्ष…
